मंगलवार, 27 अगस्त 2013

मुहावरे व लोकक्तियाँ - गढ़वाली व कुमाऊँनी मे[ भाग 3 ]



अध्याय १९ मुहावरे व लोकक्तियाँ - भाग ३


गढ़वाली व कुमाऊँनी मे बहुत सी है यहाँ तीसरे भाग मे भी १० -१० मुहावरे व लोकक्तियों को बताया जा रहा है - हिन्दी अर्थ या भावार्थ के साथ [ इससे पहले के भाग १ को इस लिंक मे देखिये http://uttarakhandiwords.blogspot.com/2012/10/blog-post_29.html]  व् भाग २ [http://uttarakhandiwords.blogspot.com/2012/11/blog-post.html]

गढवाली 


२१. घी ख्त्यो बोड्यु मा। 
घी गिरा पर बर्तन में।
[भावार्थ- हानि जैसा होने पर भी हानि ना होना]

२२. जुवों कि डारा घाघरू नि छोड़ेन्दो।  
जुवों कि डर से घाघरा नहीं छौड़ा जाता।
[भावार्थ- सभी कुछ अनुकूल नहीं होता, कुछ प्रतिकूल होने पर भी त्याग नहीं किया जाता]

२३. कितुला कु नाग अर बिरला को बाघ। 
केंचुवे को नाग और बिल्ली को बाघ।
[भावार्थ- भारी भरम हो जाना]

२४. नाक-कटी हाथ मा धरयुंच।
नाक काट के हाथ में रखा हुवा है।
[भावार्थ- मान-सम्मान ताक पर रखकर बेशर्म हो जाना]

२५. पैले बूड गितांग छै अब नाती जि होयुंच।  
पहले से बूढ़ा गायाकर था अब पोता जो हो रखा है।
[भावार्थ- विशेष खुशी प्राप्त होने पर अति उत्साह प्रदर्शित करना]

२६. ढूगा मा धैर्याल।  
पत्थर में रख दिया।
[भावार्थ- त्याग देना]

२७. तातो दूध न घुटेन्द न थूकेंन्द.  
गर्म दूध न पिया जाता न थूका जाता।
[भावार्थ- असमंजस में या अस्थिर रहना]

२८. घुन्डू घुन्डू फुकेगे, कुतराण अब आयी।  
घुटनों तक जल गया बदबू अब आयी।
[भावार्थ- नितांत लापरवाह होना]

२९. भ्वीं मा खुटो नि धरेन्दा।  
जमीन पर पांव नहीं रखा जाता।
[भावार्थ - अत्यंत हर्षित होना]

३०. जाण न पछ्याँण, भक्क अग्वाड़। 
जान न पहचान सीधे गले मिलना।
[भावार्थ - बिना सोचे समझे किसी से अधिक परिचय नहीं बढ़ाना चाहिए]


कुमाऊँनी 

२१. बाण बाणणे बल्द हराण.
[भावार्थ- देखते देखते मौका निकल जाना]

२२. बुड़ो कई बाल नि मानौ बुड़ो कई लाख।
[भावार्थ- अनुभव बहुत महत्वपूर्ण होता है।]

२३. दूधयाल गोरुक लात लै सौनी।
दुधारू गाय की लात भी भली
[भावार्थ- गुणवान व्यक्ति के गुस्से को भी सहन कर लेना चाहिए।]

२४. गाय न बाच्छी नीने अच्छी।
गाय और बछिया नही तो नींद अच्छी
[भावार्थ- अर्थात करने के लिए कोई काम न हो उसे सोते रहना ही अच्छा लगता है।]

२५. सासूल बुआरी थें कौ, बुआरिल नौकर थें कौ, नौकरल कुकुर थें कौ , और कुकुरल पुछड़ हिले दे।
सास ने बहू से कहा, बहू ने नौकर से, नौकर ने कुत्ते से कहा और कुत्ते ने खाली पूंछ हिला दी
[भावार्थ- अर्थात जून तक नहीं रेंगी, काम कुछ भी नहीं हुआ।]

२६. सास थें कुन ब्वारीस सुणुन।
सास के माध्यम से बहू को सुनाना
[भावार्थ- किसी के माध्यम से किसी की चुगली करना।]

२७. अति बिरालु मूस न मरण। 
अधिक बिल्लियाँ चूहा नही मार सकती
[भावार्थ- बहुत अधिक व्यक्ति हों तो काम नहीं हो पाता।]

२८. कै बखत खिमू कड़कड़, कै बखत खिमूलि कड़कड़ि।
कभी पति नाराज तो कभी पत्नी
[भावार्थ-  दंपति में हर समय मनमुटाव रहना।]

२९. आलसी एकै घांत।
[भावार्थ- आलसी व्यक्ति एक बार में ही सारे काम निपटा लेना चाहता है।]

३०. कुआँ क भेकान कुआमें राय।
कुएं के मेढक कुएं में ही रहते हैं
[भावार्थ- सीमित दायरे में रहना]


सहयोगकर्ता - महेंद्र सिंह राणा / रामचंद्र पन्त / हिमांशु करगेती 

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!

शुक्रवार, 18 जनवरी 2013

स्वास्थ्य संबंधी वार्तालाप



आज स्वास्थ्य से सम्बन्धित वाक्य आपके लिए [ गढवाली - कुमाऊँनी -हिन्दी - English में पढ़िए ]


१. वु अस्पताल म भर्ती च
१. उ अस्पताल मा भर्ती छ
१. वो अस्पताल मे भर्ती है
1. He is admitted to the hospital.

२. खून[लोई] बौगणू[बगणू] च
२. खून भ्यैर उन रयोछ
२. खून बाहर आ रहा है
2. ! Blood is coming out

३. मि ठीक नि छौं 
३. मैं ठीक नी छूँ
३. मैं ठीक नहीं हूँ
3. I am not well.

४. म्यार खुट म भयंकर पीड़ा हूणी च 
४. म्यार खुट्ट मा भयंकर पीड़ होरैछि
४. मेरे पैर में भयंकर दर्द हो रहा है
4. I have terrible leg pain.

५. मिते थोड़ा बुखार सी लगणू च
५. मैके थ्वाड़ बुखार जस लागरियो छ।
५. मुझे हल्का बुखार सा लग रहा है।
5. I feel a little feverish.

६. बुखार [ताप/जौर] ? कब भटी?
६. बुखार? कब बठे?
६. बुखार? कब से?
6. Fever ? Since when ?

७. नी जाण किले, मयार सरील ठीक नी च।
७. म्यार स्वास्थ्य कसके ले भल न्हातिन।
७. किसी तरह, मेरा स्वास्थ्य अच्छा नहीं है।
7. Somehow, my health is not good.

८. ब्यालि वू ठीक छ्याई।
८. ब्याल उ बिलकुल ठीक थ्यो।
८. कल वह बिलकुल ठीक था।
8. He was all right yesterday

९. मीते उल्टी सी लगणू।
९. मैके उल्टी हुन जस लागर्यो।
९. मुझे उल्टी होने जैसा लग रहा है।
9. I feel like vomiting

१०. के बैद्द (डॉक्टर) की सलाह ले लियाँ।
१०. यक डॉक्टराकि सलाह ल्ही लिया।
१०. किसी डॉक्टर की सलाह ले लो।
10. Get a doctor's advice.

११. इख भटी अस्पताल दूर च
११. यां बठे अस्पताल भौत दूर छ।
११. यहाँ से अस्पताल बहुत दूर है।
11. Hospital is very far from here.

१२. नजदीक ही क्लिनिक च।
१२. पास मा ही यक क्लीनिक छ।
१२. पास में ही एक क्लीनिक है।
12. There is a clinic near by.

१३. डॉ...... भौत परसिद्ध च।
१३. डॉ॰..... भौत परसिद्ध छ।
१३. डॉ॰... बहुत प्रसिद्ध है।
13. dr....... is very famous.

१४. बाल बच्चो कु स्वास्थ्य चिंता कू विसय च।
१४. सैनिन अर नंतिनान को स्वास्थ्य चिंता को कारण छ।
१४. बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य चिंता का कारण है।
14. health of children and women is cause of concern.

१५. ब्याल रात बटी मिते मुंडर च /हूणू।
१५. मैंस ब्येल रात बठे ख्वार मुड़ा हुनी छी।
१५. मुझे कल रात से सर दर्द हो रहा है।
15. I have headache since last night.

१६. उंक सरील [तबियत] कण च?
१६. उवीक स्वास्थ्य कस छ?
१६. उसका स्वास्थ्य कैसा है?
16. How is his health ?

१७. मी चक्कर सी महसूस करणू छौं।
१७. मैं चक्कर महसूस करछूं।
१७. मैं चक्कर महसूस करता हूँ।
17. I feel giddy.

१८. मिथे भोल सुबेर ९ बजी डाक्टर से मिलण च।
१८. मैके भोल रात्तै ९ बाज डाक्टरहै मिल्नो छ
१८. मुझे कल 9 बजे सुबह डॉ से मिलना है
18. I have an appointment with Dr at 9 am

१९ . क्या आम तौर पर आप खून दान करदो ?
१९. क्या आप आमतौर पर रक्त दान करछा?
१९. क्या आप आमतौर पर रक्त दान करते है ?
19. Do you donate blood regularly?

२० अज्काल मनिख बीमारी का कारणों ते जणन पछ्याणन लग गीं।
२०. अच्याल लुख बीमारीक कारणन कै जाणन पछाँणन लाग ग्यान।
२०. आजकल लोग बीमारियो के कारणो को जानने पहचानने लगे है।
20. Now a days ppl are knowing the causes of diseases.

२१. उत्तराखंड माँ गंभीर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या खे आपातकालीन नंबर १०८ च ।
२१. उत्तराखंड मा गंभीर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या खिन आपातकालीन नंबर  १०८ छ
२१.उत्तराखंड में गंभीर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या के लिए आपातकालीन नम्बर १०८ है ।
21.medical emergency number for any serious health related issue in uttarakhand is 108.

२२. परहेज इलाज से भलू हूंद।
२२. परहेज इलाज है भल हुंछ।
२२. परहेज इलाज से बेहतर है।
22. Prevention Is better than cure.

२३ हेरी भुझी सरील कुण अच्छू हूंद।
२३ हरियो साग खून स्वास्थ्य खिन भल हुंछ।
२३ हरी सब्जियाँ खाना सेहत के लिए अच्छा है।
23  Eating green vegetables is good for your health.

२४ सब्यू ते तंदुरस्त रेण कुण योग अर व्याम करण चेंद।
२४ सबकै तंदूरुस्त रुन खिन योगा अर व्यायाम करन चें।
२४ सभी को तंदूरुस्त रहने के लिए योगा और व्यायाम करना चाहिए
24 One must practice yoga and exercise to keep fit.

२५ वीन वे की सेवा केरी की वेते खूब केर द्याई।
२५ उवील उवीक सेवा करी बेर उवीस पुरो स्वस्थ कर हाल्यो।
२५ उसने उसकी सेवा कर उसे पूर्ण स्वस्थ कर दिया।
25 She nursed him back to health.


सहयोग कर्ता : हिमांशु करगेती, निखिल उत्तराखंडी एवं सुमन थपलियाल

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

कॉलेज स्कूल से संबन्धित वार्तालाप


अध्याय १६
आज कॉलेज / स्कूल मे होने वाली कुछ बातचीत यहाँ पेश की जा रही है। इस रूप मे पढे
गढ़वाली-कुमाऊँनी-हिन्दी-अँग्रेजी

१.
म्यार कॉलेज सुबेर 8 बजी शुरू हून्द 
म्योर कॉलेज रत्ते आठ बाजी बटी लागों।
मेरा कालेज सुबह 8 बजे शुरू होता है
My college starts at 8.00 am

२.
म्यार कालिज / स्कूल नैनीताल कोटद्वार मा च।
म्योर कॉलेज/ इस्कूल नैनताल/कोटद्वार में छ।
मेरा कॉलेज /स्कूल नैनीताल /कोटद्वार मे है।
My college/ school is in Nainital /kotdwar.

३.
म्यार कॉलेज कि कैंटीन मा बड़िया चाय मिलद। 
म्यार कॉलेजेकी केन्टीन में भौत भलि चहा मिलन छ।
मेरे कॉलेज कि कैंटीन में बहुत अच्छी चाय मिलती है।
My college canteen serves good tea.

४.
मी कॉलेज बस मा जान्दू।
मै कॉलेज बस में जाँ ।
मैं कालेज बस से जाता हूँ।
I go to the college by bus.

५.
हम ५-६ दगड्या, दगड़ी कॉलेज जंदा।
हम 5-6 दगडू दगड़-दगड़ कॉलेज जानू ।
हम 5-6 दोस्त एक साथ कॉलेज जाते है।
We 5-6 friends go together to the college.

६.
हमर कॉलेज कु नाम ............... च।
हमर कॉलेजक नाम -------------छ।
हमारे कालेज का नाम ......... है
Our college name is ..........

७.
यू हमर क्षेत्रु कु सबसे बड़ू कॉलेज च।
यो हमर क्षेत्रक सबन है ठुल कॉलेज छ।
यह हमारे क्षेत्र का सबसे बड़ा कालेज है।
This is biggest college in our region.

८.
हमर कॉलेज/इस्कूल मा एक सांस्कृतिक विभाग भी च।
हमर कॉलेज/इस्कूल में एक सांस्कृतिक विभाग लै छ।
हमारे कालेज /स्कूल मे एक सांस्कृतिक विभाग भी है।
In our college, we have separate cultural section.

९.
ये कॉलेजक लाइब्रेरी मा ८००० से ज्यादा किताब छन।
यो कॉलेजेकि लाइब्रेरी मणी 8000 है ज्यादे पुस्तक छन।
इस कालेज की लाइब्रेरी मे 8000 से अधिक पुस्तक है ।
In the college library, there are more than 8,000 books.

१०.
चला कैंटीन जोला।
चलौ हो कैण्टीन में जानू।
चलो कैंटीन मे चलते है।
Let’s go to the canteen.

११.
आज अँग्रेजी क द्वी पीरियड छन।
आज अन्ग्रेज़िक द्वी पीरियड छन।
आज अँग्रेजी के दो पीरियड है।
Today we have two periods for English.

१२.
मीते इस्कूल बटी उजीफ़ा मिलदू।
मकें इस्कूल बटी उजिफ मिलों।
मुझे स्कूल से उजीफ़ा मिलता है।
I get scholarship from college.

१३.
मीते विज्ञाने की मास्टनी/मास्टर जी [गुर जी ] सबसे अच्छू लग्दीन।
मकैं विज्ञानेक अध्यापिका/अध्यापक सबन है भलि लागें /भल लागनी।
मुझे विज्ञान की अध्यापिका/अध्यापक सबसे अच्छी लगती /लगते है ।
I like science teacher the most.

१४.
इस्कूल क प्रधानाचार्य ही हमते हिन्दी विषय पढsदिन।
इस्कूलक प्र्धानाचार्ये हमन कें हिंदी विषय पढूनी।
स्कूल के प्रधानाचार्य ही हमे हिन्दी विषय पढ़ाते है।
School principal teaches us Hindi subject.

१५.
आज क्वी लेक्चर नी च, चला सिनेमा दिखण कु जौला।
आज कोई लेक्चर नी हाँती, हिटो सिनेमा देखण हूँ जानू।
आज कोई लेक्चर नही है, चलो सिनेमा देखने चलते है।
Today we have no lectures, let’s go to see movie.

१६.
तुम कीं क्लास मा पढणा छन/छौं?
तुम को क्लास में पढ़न छा?
तुम किस कक्षा मे पढ़ते हो
In which class do you read?

१७.
आप के बरसा क विद्यार्थी छन अर आप क्या विषय पढदिन।
आपूं को बरसाक छात्र छा और आपूं को विषय पढ़न छ?
आप किस वर्ष के छात्र है और आप कौन सा विषय पढ़ते है?
In which year you are and what are your subjects?

१८.
हमर कालेज /इस्कूल मा नौना अर नौनी द्वी पढदिन।
हमर कॉलेज/इस्कूल में छात्र/छात्रा द्वीये पढनी।
हमारे कालेज/स्कूल छात्र /छात्राए दोनों पढ़ते है।
In our college/school, girls and boys both study.

१९.
ये साल 'बरस हमर कालेज/इस्कूल न नृत्य प्रतियोगिता जीती।
यो बरस हमर कॉलेजल/इस्कूलल नृत्य प्रतियोगिता जिती।
इस वर्ष हमारे कालेज / स्कूल ने नृत्य प्रतियोगिता जीती है।
This year our college won dance competition.

२०.
हमर कालेज मा सब्बी किस्म क विद्यार्थी छन अर क्वी भेदभाव नी हून्द।
हमर कॉलेज में सब्बे किसमक विद्यार्थी ऊनी और कोई भेदभाव नी हुन।
हमारे कॉलेज मे सभी तरह के विद्यार्थी आते है और कोई भेदभाव नही होता है।
In our college we have students from all the societies and there is no discrimination.

२१.
म्यार कॉलेज मा इस्कूल क कई दग्ड्यो न दगड़ी दाखिला ले [ल्याइ]।
म्यार कॉलेज में इस्कूलक कतुकै दोस्तनल एक दगड़ दाखिल ले।
मेरे कालेज मे स्कूल के कई मित्रो ने एक साथ दाखिला लिया।
Many of our school mates have taken admission in my college.

२२.
वू भोल/परबात पौणेक कारण कोलेज नी आणू।
ऊ भोल झरपर हुनाक कारण कॉलेज नी औल।
वह कल दावत होने के कारण कॉलेज नहीं आयेगा।
He will not come to college tomorrow because of party.


सहयोगकर्ता : रामचन्द्र पंत जी,  सुमन थपलियाल जी एवं हिमांशु करगेती जी 

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!

रविवार, 18 नवंबर 2012

मुहावरे व लोकक्तियाँ - गढ़वाली व कुमाऊँनी मे [भाग २]


मुहावरे व लोकक्तियाँ - गढ़वाली व कुमाऊँनी मे बहुत सी है यहाँ दूसरे भाग मे भी १० -१० मुहावरे व लोकक्तियों को बताया जा रहा है  - हिन्दी अर्थ या भावार्थ के साथ और जहां संभव हो पाया वहाँ अँग्रेजी मे भी दिया जाएगा। [ इससे पहले के भाग १ को इस लिंक मे देखिये http://uttarakhandiwords.blogspot.com/2012/10/blog-post_29.html] 

गढ़वाली

११. दिबतौ की मार न खबर न सार।
देवताओं के न्याय का पता न हल।
a judgement from GOD, one can not go against it or no one have any soultion
[भावार्थ : किसी भी घटना या हानि का होना, बिना किसी जानकारी और उसका समाधान निकाले बिना हो जाना]

१२. जब मांगो तब भोल। जब मांगो तब कल।
when ever asked he/she will say tomorrow
[भावार्थ : जब भी अपने पैसे मांगो तो उसका जबाब होता है कल दूंगा - मतलब वादे से मुकरना (विश्वासघात) ]

१३. जै की लद्वाड़ि लगी आग,उ क्या खुज्योलो साग।   
जिसको भूख लगती वह सब्जी नही ढूंढता।
[भावार्थ- भारी भूख लगने पर सुखी रोटी भी स्वादिष्ट लगती है]

१४. पढ़ायो-लिखायो जाट, सोला दूनी आठ।  
पढ़ाया-लिखाया जाट सोलह दूना आठ।
[भावार्थ- मंदबुध्दि को कितना भी सिखावो, वह कुछ भी ग्रहण नहीं कर पाता]

१५. खेती वैको जैको चैनों चमेलो।   
खेती उसी की होती जिसको चमेली चाहिए।
[भावार्थ- भरे पुरे परिवार वाला व्यक्ति ही सफलतापूर्वक कृषि कार्य कर सकता है]

१६. सट्टी दडकिन भग्यान का, ग्युं दडकिन निर्भागी का।   
धान के खेतों में दरारे भाग्यशालियों की, गेहूं के खेत में अभागों की।
[धान के पौधों के साथ मिट्टी की पपड़ी जमना अच्छा माना जाता है, जबकि गेहूँ के लिए उपयुक्त नहीं है]

१७. घ्वीड़ थें चाँठु प्यारु।   
घुरल/भरल (उत्तराखंड के जंगलो में पाया जाने वाला जानवर) को ऊँचे पठार प्यारे।
[भावार्थ- सबको अपना घर/देश प्यारा लगता है]

१८. जे गौं जाणु नी, वेको बाटू किले पुछण। 
जिस गाँव जाना नहीं, उसका रास्ता क्यों पूछना।
[अनावश्यक वार्ता करने से कोई लाभ नहीं होता]

१९. बुज्या कु बाघ। 
झाड़ी को बाघ।
[भावार्थ-भ्रम होने पर झाड़ी भी बाघ कि तरह दिखाई देती है]

२०. नादान कु दगडू जी को जंजाल। 
नादान से दोस्ती जी का जंजाल।
[भावार्थ- अयोग्य/अपात्र व्यक्ति से काम करवाने पर मुसीबत हो सकती है]



कुमाऊँनी

११. पहाड़ि कि नै सौ रुपया कि
a hill man's NO is worth of hundred rupees
पहाड़ के रहने वाले व्यक्ति की ना का मतलब ना होता है चाहे उसे आप कितनी कीमत दे दो [ जितना भी लुभा लो ]

१२. पुण्य रेख में मेख मारंछू।
श्रद्धा पूर्वक किया गया कार्य आपके बिगड़े भाग्य को बदल सकता है
meritorious acts drive a nail into the line of evil destiny. 

१३.जैक पाप, उवीक छाप।
चोर की दाढ़ी मेँ तिनका। 
(चोर कितना भी होशियार हो पर कुछ सुराग तो छोड़ ही देता है। )
Guilty Conscious Pricks the Mind. 

१४.पाणी मा लकाड़ मारि बेर, पाणीक द्वी नी हुन।
(जिस तरह पानी को लकड़ी से मारकर दो नहीँ बना सकते वैसे ही) सच्चाई को कभी नहीँ झुठलाया जा सकता। 
Truth can never die.

१५.छै च्याल नौ नाती, फ़िर लै बुड़ बागैल खायान।
एक आदमी के छः लड़के व नौ नाती थे तब भी सबको बाघ ने खा लिया अर्थात सावधानी रखने के बाद भी नुकसान होना।Loss, even after careful consideration

१६.जामनै बठे (बै) कामन।
किसी का शुरु से ही कमजोर होना (बिगड़ना) आज की पीढ़ी के कुछ लोग जामनै बठे (बै) कामन होने से अपनी उत्तरखंडी संस्कृति को भुला बैठे हैं।
Being spoiled.

१७.भ्यैर बठे बैन बेर की ह्यौल जब मुख मा मैलाक ढिण छन।
जब मन मेँ ही मैल भरा हुआ हो तो बाहर से अच्छा बनने का नाटक करके क्या होगा? (मतलब दिखावे का कोई फायदा नहीँ।)
Good on the outside but bad from inside.


१८. तात्तऍ खूं जल मरुँ।
जल्दबाजी में काम बिगाड़ना

१९. लगण बखत हगण।
आखिरी मौके पर हडबडाना

२०.. खालि छै ब्वारि, बल्दौक पुछड़ कन्या।
चैन से न बैठने देना


[सहयोग कर्ता ; महेंद्र सिंह राणा हिमांशु करगेती एवं रामचन्द्र पंत]

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!

सोमवार, 29 अक्टूबर 2012

मुहावरे व लोकक्तियाँ - गढ़वाली व कुमाऊँनी मे [भाग १]



मुहावरे व लोकक्तियाँ - गढ़वाली व कुमाऊँनी मे बहुत सी है यहाँ हर भाग मे १० -१० मुहावरे व लोकक्तियों को बताया जाएगा  - हिन्दी अर्थ व भावार्थ के साथ और जहां संभव हो पाया वहाँ अँग्रेजी मे भी दिया जाएगा। 

गढ़वाली 

१. जख बिलि नी तख मूसा नचणु। 
जहां बिल्ली नही वहाँ चूहे नाच रहे।
where there is no cat mice dance.
[भावार्थ: जहां नियंत्रण नही होता वहाँ हम गलत कार्य कर सकते है। ]

२. थोडि जगा गिलो आटो 
थोड़ी से जगह और आटा गीला [यानि कंगाली मे आटा गीला]
narrow quarters and thin gruel.
[ हालात बाद से बदतर होने पर ]

३. खाली हथ मुखमा नी जांदु 
खाली हाथ मुँह में नही जाता।
an empty hand[with no food] does not go into the mouth.
[भावार्थ: बिना पैसे(फल) के कोई काम नही करता ]

 ४. जखि देखि तवा-परात, वखि बिताई सारी रात.
जहाँ देखा तवा परात, वहीँ गुजारी सारी रात।
[भावार्थ-अपनी सुविधानुसार स्वार्थ सिद्ध करना]

५.जु नि धोलु अपनौं मुख,ऊ क्या देलो हैका सुख.  
जो अपना मुँह [चेहरा] नहीं धोता, वो दूसरों को क्या सुख देगा.
[भावार्थ- जो अपना कार्य स्वयं न कर सके वह दूसरों का क्या हित करेगा]

६. तिमला-तिमलो खत्या, नंग्या-नन्गी द्यख्या.
सारे तिमला [एक फल] भी गिर गए, नंगे भी दिख गए.
[भावार्थ- हानि के साथ-साथ सम्मान भी खो देना]

७. टका न पैसा, गौं-गौं भैंसा. 
रूपये न पैसे, गाँव-गाँव भैंसे.
[भावार्थ- आर्थिक रूप से दुर्बल होने पर भी सम्पनता के सपने देखना]

८. अफू चलदन रीता, हैका पढोंदन गीता.
अपने आप चलते खाली, दूसरों को पढ़ाते गीता.
[भावार्थ- स्वयं ज्ञान न होने पर भी दूसरों को ज्ञान बाँटना]

९. सौण सूखो न भादो हेरो । 
न सावन सूखा न भादों हरा ।
neither sawan is dry nor bhado is green
[भावार्थ : दो चरित्रो के क्रूरता पूर्वक रवैये को दर्शाते हुये ]

१०. लेणु एक न देणु द्वी। 
न एक लो न दो किसी को दो
neither take one, nor pay back two
[भावार्थ :यह एक सीख है कि ना एक किसी से (पैसे उधार लेना] न उसको दो देना पड़ेगा यानि ब्याज भी नही देना पड़ेगा]

कुमाऊँनी 

१.हुने छा: एक सपक , ना हुने छा: सो सपक 
बनने वाला मट्ठा(छा:छ) एक बार में ही बन जाता है और ना बनने वाला सो बार में भी नहीं
[भावार्थ: होने वाला काम एक बार में ही हो जाता है ]

२.जे खुट त्याढ़ ह्वाल वो भयो पडल.
जिसके पाँव टेड़े होते हैं वो गड्ढे में ही गिरेगा
[भावार्थ: जो जैसा होगा वैसा ही फल पायेगा ]

३.बुद्धि आलि अपुन घर ,रीस आलि पराय घर .
बुद्धि होगी तो अपने घर ,गुस्सा आये तो पराये घर
[भावार्थ: बुद्धिमान अपने घर में गुस्सा नहीं दिखाते ]

४.ना ग्ये अल्माड ,ना लाग गलमाड .
[भावार्थ:घर से बाहर जाकर ही हकीकत पता लगती है ]

५. कयो बीज लेन लगाय ,चेल खान खाने आय 
कयो(छोटा मटर ) का बीज लेने बच्चे को भेजा तो वो बीज को  खाते खाते आया
[भावार्थ:"लापरवाही" के लिए ये मुहावरा प्रयोग किया जाता है  ]

६. सौ ज्यू गुड़ खावौ लेख लेख लेख 
सर जी गुड खाओ, लिख, लिख, लिख देना
welcome sir eat some treacle, write, write, write it down.
[यह कहावत बनियों/व्यापारियों के लिए है जो प्यार से बुलाते कर कहते है आओ गुड खाओ लेकिन अपने मुनीम को कहते है की जो खाया सब लिख देना हिसाब मे ]

७. रूप रीश नै, कर्म बांटो नै 
किसी के रूप से जलन नही, न किसी के कर्म बाँट सकते
no one should envy another's fair countenance, and no one can share another's fate
[आप को किसी की खूबसूरती से जलन नही करनी चाहिए यह ठीक वैसा ही है जैसे की आप किसी के कर्म नही बाँट सकते ]

८. घुरुवा को पिसू,घुरुवा को तेल सबनी द्वी-द्वी ,
घुरुवा को देडघुरू ले लात हाणी ,घिंघारू घेड़ 
सब कुछ कोई करे और अंत में उसी की पूछ ना हो
अर्थ: ये गावों में प्रचलित एक किस्सा है घुरुवा (आदमी का नाम) जिसका की आटा और तेल दोनों था,पुरिया तलने पर सब को २-२ मिली और उसे सिर्फ देड(१ और १/२)और उसे लात मार कर घिंघारू के घेड़ (झाड) में फैक दिया ...... ये तब प्रयोग होती है जब

९. लेखो पल पल को लिजी जालो 
पल पल का किया लिखा जाता है।
every moment will have to be accounted for
भावार्थ : भगवान का न्याय हर कार्य पर होता है

१०. खेल खेलारि को घोड़ो सवार को 
plays are for players and horses are for riders
खेल को खिलाड़ी खलेते है और घोड़े पर घुड़ सवार बैठते है अर्थात चीजे उनके लिए ही होती है जो उसका प्रयोग करना जानते है और कैसे नियंत्रण करना होता है।


[सहयोग - महेंद्र सिंह राणा / कौशल उप्रेती /प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ]

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!
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