मंगलवार, 7 जून 2011

महिने और मौसम से संबंधित शब्द

 
शब्दो और वाक्य प्रयोगो को इस रूप मे पढे  English - हिन्दी - गढ़वाली - कुमाऊँनी


नमस्कार!! चलिये आज मौसम और महीनो के इस अध्याय मे सबसे पहले महीनो के नाम से आपको परिचय कराया जाये। अँग्रेजी मे जनवरी पहला महिना होता है है लेकिन हिन्दी मे और उत्तराखंड मे भी चैत्र मे साल शुरू होता है। इसलिए उन महीनो के हिसाब से आपको बताया जा रहा है।   तारीख़ को 'गति' /पैट [ दिन] कहा जाता था /है  [ जैसे सौण क मैना ५ गति वे कु ब्यो च  / सौनक म्हेन ५ पैट वेक ब्या छ - मतलब >> सावन के महीने की ५ तारीख को उसकी शादी है ]
Month – महिना मे(ह)ना – म्हेन


English
हिन्दी
गढ़वाली
कुमाऊँनी
March - April
चैत्र
चैत
चैत
April -  May
वैसाख
बैसाख
बैशाख
May - June
ज्येष्ठ
जेठ
जेठ
June - July
आषाढ
असाड़
असाड़
July - August
सावन
सौण
सौन
Aug- Sep
भाद्रपद
भादो
भादो
Sep - Oct
अश्विन
असूज
असोज
Oct - Nov
कार्तिक
कार्तिक
कार्तिक
Nov - Dec
मार्गशीर्ष
मंगसिर
मंगसिर
Dec -Jan
पौष
पूस
पूस
Jan - Feb
माघ
माघ
माघ
Feb- March
फाल्गुन
फागुण
फागुन



मलमास : हम लोग चंद्र वर्ष के अनुसार साल मानते है /गणना कराते हैं। और इसके अनुसार साल ३५५ दिन का होता है ना की ३६५ दिन। इसलिए इसमे हर तीसरे साल मे  एक महिना जोड़ दिया जाता है  जिसे मलमास कहते है। 





खास शब्द जो महीनो से संबंध रखते है:

Date/Day: He was born on 5th january.
दिनाँक: उसका जन्म दिनाँक 5 जनवरी  को हुआ 
गति: वे कु जन्म  पूस क मैना/मेहना 5 गति  हवाई 
पैट : वीक जनम पूसाक म्हेंन ५ पैट हुनि भा 

calender: to see calender for auspious ocasion is must in Hindu religion
पंचांग: हिन्दू धर्म मे शुभ घड़ी देखने के लिए पंचांग देखना जरूरी है 
पतुड़: हिन्दु धर्म मा  सुब घड़ी /बगत/ बखत दिखणा  कुन पतुड़ जरूरी च
पतड़ा: हिंदू धर्म मै भाल/ सुब दिन बार दियाखान हुनि पतड़ जरूरी छ.


शब्द जो मौसम से संबन्धित है 

Hot: It's Very hot today.
गर्मी: आज बहुत गर्मी है।
गरम: आज बीजां/बौत/भौत गरम च/छ। 
गरम: आज भौते गरम छू .

Cold: It became more cold after heavy rain.
सर्दी:  बारिश होने के बाद  सर्दी बढ़ गई।
जड्डु: बरखा हूणा क बाद जड्डू बंडी हवे ग्याई। 
जाड़/ठण्ड: दियो है बेर आज बाकि ठण्ड है ग्या .  

Rain: heaviest rainfall occurs in mausinram.
बारिश: मौसिनराम में सबसे अधिक बारिश होती है
बरखा: मौसिनराम मा सबसे जादा बरखा हूंद .
दियो: मौसिनराम मै सब जगा है बाकि दियो हुछ .

sunny : today's a sunny day.
धूप : आज दिन भर धूप है .
घाम : आज दिनभर  घाम च .
घाम-  आज दिन भरी घाम छ 

Fog: today all mountain peaks are hidden due to fog
धुंध:  आज सभी पहाड़ की चोटियाँ धुंध के कारण छुपी हुई है 
कुयड: आज सब्बी डांडा कुयड़ को कारण लुक्या छी .
 हौल  : आज सब पहाड़ हौले लि ढकी रायीं   

Winter: during winter, we enjoy sitting under the sun.
सर्दीयां: सर्दियो के मौसम मे हम लोग धूप सेक कर आनंद लेते है।
हयून्द;  हयून्द मा हम घाम तापि की आनन्द लिन्दा 
 ह्योन :  ह्योन मै हम घाम ताति बेर आनंद लिनू  

summer: we go to our village on every summer vacation
ग्रीष्म ऋतू : हम हर ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में अपने गांव जाते हैं .
रूड़ी : हम हर रूड़्यों को छुट्टी मा अपर गों जंदो .
रूड़ी - हम हर रूड़ी कि छुट्टियों मै अपन गौं जानू .

storm : my clothes flew away in the storm.
तूफ़ान : मेरे कपड़े तूफ़ान में उड़ गए .
बथाँ : म्यार लारा बथाँ मा उड़ गीं.
सूड : मियर लिकुड सूड मै उडी गयी . 
(गढ़वाली में तेज़ तूफ़ान को "औडल" भी कहते हैं )

( कुमाऊँनीमें तेज़ तूफ़ान को "दादूर" भी कहते हैं )

snow fall : today snowfall happend early in the morning.
बर्फ़बारी होना : आज प्रातः काल ही बर्फ़बारी हो गई .
ह्यूँ  : आज सुबेर लेकि ह्यूँ पोड़ ग्या.
हिवै : अज रत्ती ब्यान ह्यों पड़ी    

drizzle: in this rain it just drizzled.
बूंद/बूँदाबाँदी : इस बारिश में तो बस दो एक बूंदे ही गिरी .
छींटा : ये बरखा माँ ता बस द्वि एक छींटा ही प्वड़ीं/पुड़ीन .
तुवाप/छिट :  यो दियो मै बस द्वी ये  तुवाप गिरी 

सहयोग कर्ता:   अनिल / निखिल 

[उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!]

गुरुवार, 19 मई 2011

रिश्ते - नाते



रिश्ते नातो का उत्तराखंड के जन जीवन मे एक अहम स्थान है । आज की इस 'पोस्ट' में उत्तराखंड मे रिश्तों के नामो से आप लोगो को अवगत कराएँगे ।   

रिश्ते - नाते
[एक नज़र  हिन्दी- english - गढ़वाली- कुमाऊँनी  ]



हिन्दी

English

गढ़वाली

कुमाऊँनी

नाना जी
grand father(maternal)
नना
मावकोटाक बुब
नानी जी
grandmother(maternal)
ननि
मावकोटेकि आम
परनाना
grand grandfather
बूढ्ढ नना
 बड़ बुब 
परनानी
grand grandmother
बूढ्ढ ननि
बड़ी आम 
दादाजी
grand father(paternal)
दद्दा
बड़ बुब
दादी जी
grandmother(paternal)
दद्दी
बड़ी आम 
परदादा
grand grandfather
बूढ्ढ दद्दा
पड़ बुब
परदादी
grand grandmother
बूढ्ढ दद्दी
इपड़ आम 
पिताजी
father
बुबाजि / बाबाजि
बाबू/बौज्यू/बाज्यू
माता जी
Mother
ब्वै / माँजि
इज/इजा/माँ
पुत्र
Son
नोन/नोनु
च्यल/चियल/लौड
पुत्री
Daughter
नोनि
च्येलि/चियेलि
भाई [छोटा]
Brother
भुल्ला
भुला/भुल/भै/भया
भाई [बडा]
elder brother
दिदा/दादा/भैजि'
दाज्यू/दाद/दा
बहिन
Sister
भुल्लि
भुलि/बैनि
बडी बहिन
elder sister
दिदी
दिदी
जीजा
Brother-in-law
जीजा/भ्येणा
भिन/जिजा
साला
Brother-in-law
स्याळु
साव
साला [बड़ा]
elder
जेठ्ठु
जियेठ जी 
साली
Sister-in-law
स्याळि
सावी/साईं
साली [बड़ी]
Sister-in-law
जेठ्सासु
जियेठि सावि
मौसी
aunt (maternal)
मोसी /काण्सी ब्वे
कैज/मौसी
मौसा
uncle
मोसा
काक/मौसा
मौसी(बडी)
aunt
जेठी ब्वे
ठुलिइज/कैज/जेठ्मौशी
मौसा(बडे)
Uncle
ताऊजी
ठुलबाबू/ताऊ/जेठ्मौशा
मामा
Uncle
ममा
माम/मामू
मामी
Aunt
मामी
मामि
चाचा
uncle
चच्चा / काका
काक/चचा
चाची
aunt
चच्चि/काकी
काकी/काकि/चाची
ताऊ
uncle
बोडा
जेठबाबू/ठुलबावू/ताऊ
ताई
aunt
बोडि
ठुलि इज
जेठ
Brother-in-law
जिठ्ठाजि
जियाठ ज्यू/जेठ्
जेठानी
Sister-in-law
जिठाण
जियेठानी/जिठान
देवर
Brother-in-law
द्यूर
दुयोर
देवरानी
Sister-in-law
द्यूराण
द्दोरानी/देवरानि
ननद
Sister-in-law
नणद
नद
ननदोई
Brother
भुल्ला
भुल /भै/भया
भाभी
Sister-in-law
बौ/बौजी/भाभी
भौजी/बौजि
भांजी /भानजा
Nephew / niece
भण्जू/भण्जी
भांजा/भांजी
भतीजा/भतीजी
Nephew / niece
भतिज/भतिजी
भतिज/भतिजि
फूफू
aunt
फूफू
फुफू/पुशयानि
फूफा
uncle
ममा
माम/फुफा
बच्चे
Children
नॉन-बाल
नानतिन
पौते –पौतियाँ
Grandchildren
नाति – नातण
नाति - नातिनी
पर पौते पौतियाँ
Great grand Children
झडनाति/झड़नातिण
पन नाती-पन नातिनी
बहु /पुत्र वधु
Daughter-in-law
ब्वारी
ब्वारी
जवाईं/दामाद
Son -in -law
जंवै/जमै
जमै
सौतेला बाप
Step-father
कठ बुबा
सौती बाब
सौतेली माँ
Step-mother
मौस्याण ब्वै
सौती मैं
पत्नी
Wife
कज्याणी/घौरवाली
श्येणी/सैनी/घरवावी
पति
Husband
कजै/घौरवोल
घरवाव/मैंस/आदिम
रिश्तेदार
Distant relatives
स्वारा-भारा
दुराक रिश्तेदार
अध्यापक
Teacher
गुरजि/मास्टर जि
मासेब
aunt -Father’s/mother’s
बुढ्ढि जि
आम
uncle -Father’s/mother’s
बुढ्ढा जि
बुबु

[ कृपया हमे जरूर बताए यदि आप कुछ राय रखते हैं ]

 

माँ और दादी के गोत्र मे रिश्ते[शादी] नहीं होते  [इसमे वैज्ञानिक सोच की झलक मिलती है ]

कुछ एक रिश्तों में जी लगाये बिना वो भाव नही आता है [वैसे तो सभी बड़े रिश्तो में जी लगाया जाता है आदर के साथ] इन रिश्तो के नाम लिखते हुये भी अजीब लगता है बिना जी के [ताऊजी, जिठ्ठाजी, बुढ्ढा जी, बुढ्ढि जी, गुरजी, मासटरजी ]

उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!
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